know all about tamilnadu former chief minister m karunanidhi


चेन्नई. तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री मुथुवेल करुणानिधि या एम. करुणानिधि का लंबी बीमारी के बाद चेन्नई में निधन हो गया। 94 साल के करुणानिधि को उनके चाहने वाले ‘कलाईनार’ के नाम से भी बुलाते थे। देश के सियासी जानकारी इस तमिल नेता को ऐसा शख्स मानते हैं जिसने हमेशा संघर्ष का रास्ता चुना। हालांकि, बाद के दिनों में उनके परिवार में सबकुछ सही नहीं था। करुणानिधि ने 14 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था। 

94 साल के करुणानिधि का निधन, 11 दिन से चेन्नई के कावेरी अस्पताल में चल रहा था इलाज

बड़ा सियासी कद: करुणानिधि का सिर्फ राज्य ही नहीं बल्कि देश की सियासत में भी बड़ा कद था। कई केंद्र सरकारों को डीएमके चीफ ने सपोर्ट दिया। 1969 में करुणा पहली बार राज्य के सीएम बने थे। मुख्यमंत्री के तौर पर आखिरी बार शपथ उन्होंने 2003 में ली थी। वो कुल 12 बार तमिलनाडु विधानसभा में पहुंचे। करुणानिधि का वास्तविक नाम दक्षिणमूर्ति था। 
कवि भी थे करुणा: करुणानिधि को सिर्फ राजनेता मान लेना सही नहीं होगा। द्रविड़ मुनेत्र कषघम का यह सुप्रीम वास्तव में कवि, लेखक और विचारक भी था। उनकी कई किताबें प्रकाशित हुईं और इनका दूसरी भाषाओं में अनुवाद भी प्रकाशित किया गया। कलाईनार जब महज 14 साल के थे तब दक्षिण भारत में हिंदी विरोधी आंदोलन शुरू हुआ। दक्षिण भारत के राज्यों में हिंदी हटाने का आंदोलन शुरू हुआ। बाद में वो तमिल भाषा के लेखक के तौर पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुए। अन्नादुरई और पेरियार के संरक्षण में उन्होंने सियासत भी सीखी। ‘कुदियारासू’ उस दौर में तमिल की मशहूर पत्रिका थी। इसका संपादन भी करुणानिधि ने किया। वो राज्य के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री थे। राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत जयललिता से करुणानिधि के रिश्ते सियासी तौर पर ही नहीं बल्कि व्यक्तिगत तौर पर भी अच्छे नहीं माने जाते थे। करुणानिधि ने तीन शादियां कीं। 



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