Cheat India Is To Be Produced By Emraan Hashmi


-स्क्रिप्‍ट पसंद आने पर बोर्ड पर बाकी प्रोड्युसरों को साथ लेकर आए

-उनसे पहले आर माधवन ‘साला खडूस’ के लिए खुद हिरानी को बतौर प्रोड्युसर लेकर आए थे

अमित कर्ण। मुंबई।।

फिल्‍म निर्माण का सीधा सा फंडा है। प्रोड्युसर के पास स्‍टोरी लेकर जाएं तो वे संबंधित रायटर-डायरेक्‍टर से स्‍टार लाने को कहते हैं। स्‍टार के पास जाएं तो वे स्‍थापित प्रोड्युसर होने का सवाल पूछते हैं। गिनती के मौके होते हैं, जब स्क्रिप्‍ट पसंद आने के मामलों में स्‍टार या एक्‍टर खुद कई मर्तबा प्रोड्युसर बोर्ड पर ला देते हैं। आर माधवन ने ‘साला खडूस’ के वक्‍त ऐसा किया था। उन्‍होंने राजकुमार हिरानी को बतौर प्रोड्यसर बोर्ड पर लाया था। साल भर पहले ऐसा ही कुछ इमरान हाशमी ने ‘चीट इंडिया’ के लिए किया है। सौमिक सेन की कहानी पसंद आने पर उन्‍होंने पहले इसे खुद प्रोड्युस करने का मन बनाया। उसके बाद वे ‘नीरजा’ बना चुके अतुल कसबेकर, तनुज गर्ग और फायनली भूषण कुमार को बोर्ड पर लेकर आए।

आज आलम यह है कि इमरान हाशमी पिछले 11 दिनों से लखनऊ में अपनी अगली फिल्‍म ‘चीट इंडिया’ की शूटिंग कर रहे हैं। इसमें वे रॉकी नामक ऐसे शख्‍स का रोल प्ले कर रहे हैं, जो एजुकेशन स्‍कैम करने वाले गिरोह और सिस्‍टम का हिस्‍सा है। बतौर प्रोड्युसर यह उनकी पहली फिल्‍म है। ऐसा करने की वे ठोस वजहें जाहिर करते हैं। उनके शब्दों में, ‘ मैं खुद को सिर्फ एक्टिंग तक ही लिमिट नहीं रखना चाहता था। मैं चाहता था कि फिल्‍म मेकिंग के हर एरिया में पार्टिसिपेट करूं। उसी दरम्‍यान सौमिक सेन यह कहानी लेकर मेरे पास पिछले साल अक्‍टूबर में आए थे। यह कंटेंट ओरिएंटेड फिल्‍म है। एजुकेशन सिस्‍टम से जुड़ी स्‍कैम पर बेस्‍ड है।

आज भी जो अंग्रेजों के जमाने के लॉर्ड मैकाले के एजुकेशन सिस्‍टम को फॉलो किया जाता है, यह फिल्‍म उस पर चोट करती है। एजुकेशन पर हमारी सरकारें कुल बजट का महज छह से सात फीसदी खर्च करती रही हैं। बाकी देशों में यह बजट 20 से 33 फीसदी तक होता है। यह फिल्‍म उस पहलू पर भी प्रकाश डालती है। यह सब सुनने के बाद नैरेशन लेते ही मैंने तय कर लिया था कि इसी फिल्‍म से प्रोड्युसर की इनिंग शुरू करनी चाहिए। इससे मेरा ड्रीम डेब्‍यु हो सकेगा। आगे भी मैं ऐसी टॉपिकल यानी मुद्दाप्रधान फिल्‍मों को बैक करते रहना चाहूंगा। सच कहूं तो ‘चीट इंडिया’ से जो मैंने नई इनिंग शुरू की है, उससे मुझे अपने आप पर फख्र हो रहा है।

खुशी इस बात की रही कि इसे और बेहतर तरीके से बैक करने के लिए मैं लाइक माइंडेड पीपल को साथ बोर्ड पर ला सका। खुद को स्क्रिप्‍ट पसंद आने पर मैंने तनुज गर्ग और अतुल कसबेकर भी इस बारे में बताया। वे इससे पहले कंटेंट ओरिएंटेड ‘नीरजा’ बना चुके हैं। वे भी साथ आ गए। फायनली फिर भूषण कुमार भी साथ आए।

अब यह अगले साल रिपब्‍लि‍क डे वीक पर आ रही है। उसी तारीख पर ‘सुपर 30’ भी आ रही है। मैं अपनी फिल्‍म को लेकर कौन्‍फि‍डेंट हूं। ‘सुपर30’ वाले भी जाहिर तौर पर कौन्‍फ‍िडेंट होंगें। मुझे पूरी उम्‍मीद है कि दर्शक हम दोनों को पूरा देंगे। एजुकेशन की ही थीम पर ‘3इडियट्स’ मेरी फेवरेट फिल्‍म है।



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