First National Sports University will open in Manipur Bill passed in Rajya Sabha


First National Sports University will open in Manipur Bill passed in Rajya Sabha

मणिपुर में देश का पहला राष्ट्रीय खेलकूद विश्वविद्यालय बनने का रास्ता साफ, संबंधित विधेयक पर राज्यसभा की मुहर

  • विश्वविद्यालय के खुलने से पूर्वोत्तर में खेलों को विकास होगा
  • साथ ही देश के इस हिस्से के एकीकरण को भी मिलेगा बल

 

 

 

नई दिल्ली. राज्यसभा में गुरुवार को भारी हंगामे के बीच राष्ट्रीय खेलकूद विश्वविद्यालय विधेयक 2018 ध्वनिमत से पारित हो गया। लोकसभा से यह विधेयक 3 अगस्त को ही पारित हो चुका था। इसके साथ ही पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर में देश का पहला खेलकूद विश्वविद्यालय स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया। संसद के दोनों सदनों से विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद अब इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। उनकी मंजूरी मिलते और विधि मंत्रालय के अधिसूचित करते ही यह विधेयक कानून में तब्दील हो जाएगा। यह कानून इस संबंध में 31 मई को लागू अध्यादेश की जगह लेगा। 

 

चर्चा के दौरान कांग्रेस ने मचाया हंगामाः विधेयक पर लगभग एक घंटे तक चली चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय खेल व युवा मामलों के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने सदस्यों को आश्वस्त किया कि मणिपुर में स्थापित देश के पहले राष्ट्रीय खेलकूद विश्वविद्यालय के कुलपति और शिक्षकों के पद पर प्रतिष्ठित खिलाड़ी ही नियुक्त किए जाएंगे। विदेशी प्रशिक्षकों को बुलाकर विश्वविद्यालय में कक्षाएं आयोजित कराई जाएंगी, जिससे छात्रों को उनके अनुभव का लाभ मिल सकेगा। विभिन्न राज्यों में वहां की सरकारों से चर्चा करके समुचित सुविधाएं और जमीन मिलने पर आउटलाइन केंद्र खोले जाएंगे। राज्यवर्धन सिंह राठौड़ जब चर्चा का जवाब दे रहे थे, उसी दौरान कांग्रेस के सदस्य राफेल डील पर संयुक्त जांच समिति (जेआईसी) की मांग करते हुए हंगामा कर रहे थे। 

 

विश्वविद्यालय खुलने से सामने आएंगी छिपी हुईं प्रतिभाएंः इससे पहले चर्चा में भाग लेते हुए राज्यसभा की नामित सदस्य और ओलिंपिक पदक विजेता मैरीकॉम ने कहा कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय से खेलों को बढ़ावा मिलेगा और नई प्रतिभाएं सामने आएंगी। समाजवादी पार्टी के चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि खेलों को अनिवार्य शिक्षा के तौर पर पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। तृणमूल कांग्रेस के मोहम्मद नदीमुल हक ने कहा कि खेलों की संस्कृति को बढ़ावा देना चाहिए। जदयू की कहकशां परवीन ने कहा कि देश ने खेलों के क्षेत्र में पर्याप्त उपलब्धि  हासिल नहीं की है। ऐसे विश्वविद्यालय देश के अन्य हिस्सों में भी खोले जाने चाहिए।



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