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Are Investing in mutual funds for the first time, should know some tips


Are Investing in mutual funds for the first time, should know some tips

पहली बार म्युचुअल फंड में करने जा रहे हैं निवेश तो जान लें कुछ काम की बातें, क्योंकि ये बाजार से भी ज्यादा हैं जरूरी

नई दिल्ली. अगर आप पहली बार म्यूचुअल फंड में निवेश करने का मन बना रहे हैं तो निवेश करने पहले इसकी कुछ बारीकियों को समझ लें। अगर किसी एजेंट के द्वारा आप म्युचुअल फंड में निवेश करने जा रहे हैं हो सकता है वो आपको पूरा जानकारी न दे। कई बार देखने में आता है कि नए निवेशक को इसके बारे में अधूरी जानकारी होती है। ज्यादातर वे निवेश की परिस्थितियों में आने वाली अनिश्चितताओं से प्रभावित हो जाते हैं। म्यूचुअल फंड निवेश में बाजार के समय से भी अधिक महत्वपूर्ण कुछ बातें हैं जिन्हें आपको ध्यान रखना चाहिए :

 

तय करें कि पैसा कहां लगाना ? 

निवेशक को सबसे पहले निवेश सूची तैयार कर लेनी चाहिए कि उसे कहां और कितने पैसे निवेश करने हैं। इस प्रक्रिया को ऐसेट एलोकेशन कहते हैं। ऐसेट एलोकेशन वो तरीका है जो ये निर्धारित करता है कि आप अपने पैसे को विभिन्न निवेशों में कैसे लगाएं जिसमें सम्पत्ति के सभी वर्गों का उचित मिश्रण हो।

ऐसेट एलोकेशन के लोकप्रिय कुछ नियम हैं जो आपको यह बतातै है कि किस उम्र में कितना धन जुटाना है। उदाहरण के लिए- यदि किसी निवेशक की उम्र 25 साल है तो उसे अपने निवेश का 25% ऋण (debt instrument) में और शेष इक्विटी में लगाना चाहिए।

जितना जोखिम उतना लाभ 

वास्तविकता यह है कि हर व्यक्ति की परिस्थितियों और वित्तीय हालत अलग-अलग होते हैं। ऐसेट एलोकेशन को समझने के लिए आपको जैसे-आयु, व्यवसाय, आप पर निर्भर परिवार के सदस्यों की संख्या आदि की जानकारी होनी चाहिए। आप जितने युवा हैं उतने ही जोखिम भरे निवेश रख सकते हैं जिनसे आपको बेहतर रिटर्न मिल सकता है।

 

सही फंड कैसे चुनें ?  

निवेशक ध्यान रखें कि सही फंड चुनने की तरीका उनके निवेश सिद्धांत और रिटर्न देने की स्थिरता पर निर्भर करता है। आप वही फंड चुनें जो आपकी जरूरतों के लिए उपयुक्त हो। इसके लिए आपको कुछ बातें ठीक सोच-समझ लेनी चाहिए-

• सबसे पहले निर्धारित कर लें कि भविष्य में आपका आर्थिक लक्ष्य क्या होना चाहिए। उसी के हिसाब से आपको निलेश में रकम लगानी पड़ेगी। 

•  तय कर लें कि अपनी सेवानिवृत्ति के लिए या अपने बच्चों की शिक्षा के लिए या फिर वर्तमान में आमदनी के लिए निवेश कर रहे हैं ?

• अपनी समय सीमा पर विचार करें। क्या आपको तीन महीने के समय में पैसा चाहिए या फिर तीन साल में ?, जितना विस्तृत आपका समय होगा उतना ज्यादा जोखिम आप निवेश में उठाने के काबिल होंगे।

•  क्या आप उच्च रिटर्न की संभावना के लिये शेयर बाजार के उतार चढ़ाव को बर्दाश्त करने की स्थिति में हैं? आपको स्वंय की जोखिम उठाने की क्षमता के बारे में अवश्य पता होना चाहिए।

•  इन सभी कारकों का सीधा प्रभाव उन फंड पर पड़ता है जिन्हें आप चुनते हैं और जो रिटर्न आप प्राप्त करने की उम्मीद रखते हैं।

 

ड कैन्डी : निवेश करने के पहले आपको तय कर लेना चाहिए कि किस फंड में निवेश करना है। सभी तरह के फंड निवेश के लिए अच्छे होते हैं। इनके बारे में जानकारी रखना जरूरी होता है। नीचे कुछ फंड्स के बारे में आपको बताया जा रहा है। 

•    विविध इक्विटी फंड

•    इंडैक्स फंड

•    अवसर फंड

•    मिड कैप फंड

•    इक्विटी लिंक्ड बचत योजनायें

•    सेक्टर फंड जैसे ऑटो, हंल्थ केयर,एफएमसीजी,बैंकिंग,आई.टी इत्यादि 

•    संतुलित फंड उनके लिये जो इक्विटी निवेश में 100% जोखिम नही उठाना चाहते

 

पता करते रहें आपके निवेश प्रदर्शन कैसा है ?

निवेश करने के बाद घर बैठने और उसे भूलने जैसी लापरवाही न करे। इसके लिए जरूरी है कि पता करते रहें कि आपका निवेश कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं ? इस तरह की जानकारी के लिए म्यूचुअल फंड मासिक और त्रैमासिक फैक्ट शीट और न्यूजलैटर प्रकाशित होते हैं जिनमें पोर्टफोलियो की जानकारी,फंड मैनेजर द्वारा प्रबंधित योजनाओं और उनके प्रदर्शन आंकड़ों की रिपोर्ट प्रकाशित होती है। इसके अलावा म्यूचुअल फंड की वेबसाइट पर प्रदर्शन आंकड़े, दैनिक NAV (नेट ऐसेट वैल्यू) , फंड फैक्ट शीट , त्रैमासिक न्यूजलेटर और प्रेस क्लिपिंग इत्यादि उपलब्ध कराती है। इसके अलावा भारत में म्यूचुअल फंड एसोसिएशन( AMFI ) की वेबसाइट भी है जिसमें दैनिक और ऐतिहासिक NAV और अन्य योजनाओं के बारे में सूचना होती हैं। 



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