Vishwaroopam 2 movie review kamal haasan



मुंबई. movie review Vishwaroopam 2: कमल हासन की विश्वरूपम 2 रिलीज हो गई है। फिल्म में कमल भारतीय खुफिया एजेंसी RAW के जासूस का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में भरपूर एक्शन और ड्रामा है। इसका प्रिक्वल 2013 में रिलीज हुआ था। तब आतंकवाद का प्रभाव पूरी दुनिया में कुछ ज्यादा था। इसलिए तब यह फिल्म प्रासंगिक भी थी। बदलते वक्त में अलकायदा और आईएस जैसे आतंकी संगठन प्रभावहीन होते जा रहे हैं इसलिए फिल्म की कहानी कमजोर नजर आती है। इसकी ओपिनिंग भी अच्छी नहीं हुई। 
फ्लैशबैक ज्यादा: इस फिल्म का डायरेक्शन और प्रोडक्शन दोनों कमल हासन के हैं। लीड रोल में तो वो हैं ही। फिल्म की कहानी इस कदर कमजोर है कि कैरेक्टर से परिचय कराने के नाम पर ही काफी वक्त निकल जाता है। कई बार फिल्म फ्लैशबैक में ले जाती है। अगर कुछ देखने लायक है तो एक्शन और उसके अलावा गुजरे जमाने की मशहूर अदाकारा वहीदा रहमान की एक्टिंग। उनके अलावा शेखर कपूर और अनंत महादेवन जैसे मंझे हुए कलाकार भी हैं। फिल्म की कहानी भारत, अफगानिस्तान और अमेरिका के बीच घूमती रहती है। 
क्या है कहानी: विश्वरूपम 2 वहीं से शुरू होती है जहां पहली विश्वरूपम खत्म हुई थी। रॉ एजेंट विजाम अहमद कश्मीरी (कमल हासन), डॉ. निरूपमा ( पूजा कुमार), एजेंट असमिता (एंड्रिया जेरेमिया) के साथ सीनियर कर्नल जगन्नाथ (शेखर कपूर) लंदन जा रहे होते हैं। इस शक के साथ कि वहीं आतंकवादी उमर (राहुल बोस) छुपा हुआ है। उमर और उसके समर्थकों को न्यूयॉर्क पर अटैक करने से रोकना ही इनका मिशन है। जल्द ही उन पर हमला होता है। विजाम सिचुएशन पर कंट्रोल कर लेता है। अगर आप कमल हासन के फैन है और उनकी कैसी भी फिल्म देखते हैं तो इसे देख सकते हैं। लेकिन बहुत सारी उम्मीदों के साथ फिल्म देखने न जाएं।  



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